कं भारत टाइम्स, श्रीगंगानगर,
श्रीगंगानगर,, 15 जुलाई । अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने राज्य में प्रस्तावित सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया में वर्षों से कार्यरत अस्थाई सफाई मजदूरों तथा न्यायालय की शरण में गए अस्थाई कर्मचारियों को सीधी भर्ती देने की मांग उठाई है। संगठन ने संविदा आधारित भर्ती का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो जयपुर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इसी संबंध में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने डीएलबी (निदेशालय स्थानीय निकाय) निदेशक को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. कैलाश किशन लोहरा, जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि तथा अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि ने किया।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में वर्षों से अस्थाई रूप से कार्यरत सफाई मजदूरों ने लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। ऐसे कर्मचारियों को नई भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देते हुए सीधे नियमित नियुक्ति दी जानी चाहिए। साथ ही, जिन अस्थाई कर्मचारियों ने अपने अधिकारों के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, उन्हें भी भर्ती प्रक्रिया में समुचित अवसर प्रदान किया जाए।
संगठन ने कहा कि संविदा भर्ती व्यवस्था कर्मचारियों के हितों के विपरीत है और इससे सफाई कर्मियों का भविष्य असुरक्षित होगा। इसलिए सरकार संविदा भर्ती के बजाय नियमित नियुक्तियों को प्राथमिकता दे।
संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी एकजुट होकर जयपुर में बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और संबंधित विभाग की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान वाल्मीकि सेना के अनिल वाल्मीकि, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री सोनी वाल्मीकि, महामंत्री समीर वाल्मीकि, अमित कल्याणा, रणजीत सारसर, कमल सिंह चांवरिया, अशोक भाया, मदनलाल खोखर, आरडी चनाल, सुरेश चंद्र घुस्सर, मनन गोपाल चांवरिया, राजू पथरोड़, सुरेश भिवाल, सुरेश जेदिया, चंद्रभान अरविंद, मुकेश लक्खन, गोपाल सरवटा, दिनेश गोयल, महेश गठेरा, धर्मचंद चांवरिया सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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