कं भारत टाइम्स, बीकानेर
खाजूवाला/बीकानेर, 4 अगस्त। सीमा क्षेत्र में चल रहे 'ऑपरेशन सीमा क्लीन' के तहत वन भूमि, जोहड़ पायतन और राज रकबा पर बसे परिवारों को अतिक्रमण मानकर चिन्हित किए जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए वर्षों से बसे परिवारों को बेदखल नहीं करने की मांग की।
पूर्व सरपंच श्रवण डारा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विधायक को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वर्ष 1971 से सीमा क्षेत्र के अनेक गांवों में हजारों परिवार निवास कर रहे हैं। इनमें अधिकांश गरीब, भूमिहीन और सीमांत किसान हैं, जिन्होंने दशकों से अपने घर बनाकर आजीविका स्थापित की है। ग्रामीणों ने मांग की कि इन परिवारों को संरक्षण दिया जाए और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ा नहीं जाए।
इस अवसर पर पूर्व सरपंच राजेन्द्र बेनीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर दशकों से बसे गरीब परिवारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सुरक्षा आवश्यकताओं और मानवीय दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाते हुए समाधान निकाला जाए, ताकि किसी भी परिवार को बेघर होने की नौबत न आए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित निर्णय करेगी।

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