इंदिरा एकादशी मंगलवार 6 अक्टूबर को खाटू श्याम मंदिर में होगा भव्य आयोजन दिनभर खुले रहेंगे मंदिर के पट, दिल्ली से मंगाए फूलों से होगा विशेष श्रृंगार

 KBHARAT Times, Bikaner 




बीकानेर, पितृपक्ष के दौरान आने वाली इंदिरा एकादशी के अवसर पर बीकानेर के जयपुर रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर दिनभर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा तथा दर्शनार्थियों की सुविधा को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने, दर्शन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंदिर को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया जाएगा। दिल्ली से मंगाए गए विभिन्न प्रकार के फूलों से बाबा श्याम का मनोहारी एवं आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। फूलों की विशेष सजावट के साथ मंदिर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण रहेगा। श्रद्धालु दिनभर बाबा श्याम के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं आराधना कर सकेंगे।

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के.के. शर्मा ने बताया कि इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह एकादशी पितृपक्ष के दौरान आती है। इस कारण इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की आराधना एवं व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा इस पुण्य को पितरों को समर्पित करने से पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।

उन्होंने बताया कि इंदिरा एकादशी के दिन श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जल और काले तिल से तर्पण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत का पुण्य पितरों को समर्पित करने से उन्हें यमलोक की यातनाओं से मुक्ति तथा सद्गति प्राप्त होने की कामना की जाती है। पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए इस दिन विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है।

शर्मा ने बताया कि श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों, जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र तथा अन्य आवश्यक सामग्री का दान भी करते हैं। इसके साथ ही भोजन का एक हिस्सा गाय एवं अन्य जीवों को देने की परंपरा भी है। इस प्रकार इंदिरा एकादशी का पर्व केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सेवा, दान और जीवों के प्रति करुणा का संदेश भी देता है।

पितृपक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगवान श्याम की पूजा-अर्चना के साथ अपने पितरों की आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करते हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इंदिरा एकादशी के अवसर पर मंदिर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहेगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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