KBharat Times, श्रीगंगानगर
15 दिन में अपंजीकृत होटल चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश, पीड़िता की सुरक्षा और ऑनलाइन कंटेंट हटाने पर जोर
नई दिल्ली/श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप और मानव तस्करी के मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान पुलिस और जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही, पुलिसिंग में कमियों और कमजोर निगरानी व्यवस्था का गंभीर उदाहरण है।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने श्रीगंगानगर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) को निर्देश दिए कि वे 15 दिनों के भीतर जिले में संचालित सभी अपंजीकृत एवं अनधिकृत होटल, लॉज और अन्य ठिकानों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे प्रतिष्ठानों को बिना नियमानुसार संचालित होने देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने पुलिस अधीक्षक (SP) को स्थानीय पुलिसिंग व्यवस्था, गश्त और निगरानी प्रणाली की समीक्षा कर यह तय करने के निर्देश दिए कि नाबालिग की कथित तस्करी और लगातार हुए यौन शोषण का समय रहते पता क्यों नहीं चल पाया।
बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशी में देरी पर भी जताई नाराजगी
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पीड़िता को समय पर बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जाने को कानून का उल्लंघन बताते हुए इस पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज की।
सोशल मीडिया से वीडियो हटाने के निर्देश
आयोग ने नाबालिग पीड़िता से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री के सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसार को रोकने के निर्देश दिए हैं। पुलिस को कहा गया है कि ऐसे सभी कंटेंट तत्काल हटवाए जाएं तथा उन्हें रिकॉर्ड, साझा या प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़िता की निजता और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
पीड़िता के पुनर्वास और सुरक्षा की होगी निगरानी
आयोग ने बाल कल्याण समिति को पीड़िता के घर का तत्काल और औचक निरीक्षण करने, उसकी सुरक्षा, पुनर्वास और संरक्षण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
15 दिन में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में जांच की प्रगति, अवैध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ उठाए गए कदम तथा जिले में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए किए गए उपायों का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है।

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