KBharat Times, बीकानेर
बीकानेर, 13 जुलाई। जिन **Routine Investigations* की कुल लागत *₹2,000/- तक* है, उन्हें *पूर्व अनुमोदन (Pre-Authorization)* प्राप्त किए बिना ही डॉक्टर द्वारा लिखी (Prescribe) जा सकती हैं तथा कराई जा सकती हैं।
यदि निर्धारित **Routine Investigations* की कुल लागत *₹2,000/- से अधिक* है, तो ऐसी जाँच कराने से पहले *RGHS पोर्टल के माध्यम से Pre-Authorization प्राप्त करना अनिवार्य होगा।*
आपातकालीन (Emergency) स्थिति में
* आपातकालीन मामलों में *Pre-Authorization की आवश्यकता नहीं होगी।*
* उपचाररत अस्पताल/चिकित्सक आवश्यक जाँच तत्काल करवा सकते हैं।
* हालांकि, इसके लिए उचित *क्लिनिकल दस्तावेज (Clinical Documentation)* एवं *औचित्य (Clinical Justification)* RGHS पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक होगा।
* Pre-Authorization के लिए आवश्यक दस्तावेज
Pre-Authorization हेतु आवेदन करते समय उपचाररत चिकित्सक/अस्पताल को RGHS पोर्टल पर निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे—
* OPD प्रिस्क्रिप्शन/परामर्श पर्ची (Consultation Slip)
* संबंधित चिकित्सा इतिहास (Medical History) एवं क्लिनिकल निष्कर्ष (Clinical Findings)
* यदि लागू हो तो पूर्व में कराई गई जाँचों की रिपोर्ट (Previous Investigation Reports)
* प्रस्तावित जाँच की आवश्यकता स्पष्ट करने वाला क्लिनिकल औचित्य (Clinical Justification)
TPA द्वारा अनुमोदन की समय-सीमा
* *Third Party Administrator (TPA)* ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से Pre-Authorization अनुरोध की जांच एवं स्वीकृति करेगा।
* *अति आवश्यक (Urgent) जाँचों* का निर्णय *1 घंटे* के भीतर किया जाएगा।
* *सामान्य (Non-Urgent) जाँचों* का निर्णय *3 घंटे* के भीतर किया जाएगा।
* यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं दिया जाता है, तो अनुरोध *स्वतः स्वीकृत (Auto-Approved)* माना जाएगा।
यह आदेश **13 जुलाई 2026* से प्रभावी होगा।
* यह व्यवस्था *13.07.2026 या उसके बाद प्रस्तुत किए गए सभी OPD Routine Investigation अनुरोधों* पर लागू होगा

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