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उरमूल सीमांत समूह के किसानों के लिए सहजन आधारित कृषि प्रणाली पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

 KBharat Times, बीकानेर




बीकानेर, 1 जुलाई। जिले में सतत एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नाबार्ड वित्त पोषित परियोजना के तहत सहजन (मोरिंगा) आधारित कृषि प्रणाली विषय पर तीन दिवसीय कृषक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को काजरी कार्यालय के सभागार में शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन राजुवास के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.के. घुड़िया तथा राजस्थान ग्रामीण बैंक, बीकानेर के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री नवीन कुमार साहू ने किया। इस अवसर पर डॉ. घुड़िया ने किसानों से सहजन आधारित कृषि प्रणाली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मोरिंगा एक बहुउद्देशीय पौधा है, जिसका उपयोग सदियों से भोजन एवं औषधि के रूप में किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि यह पौधा अत्यधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं सुगंधित होने के साथ अधिक बायोमास उत्पादन की क्षमता रखता है तथा पशुओं के लिए वर्षभर हरा चारा उपलब्ध कराने में भी उपयोगी है।

क्षेत्रीय प्रबंधक श्री नवीन कुमार साहू ने कहा कि सहजन के विभिन्न उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने मोरिंगा के औषधीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक है।

काजरी के अध्यक्ष डॉ. नवरत्न पंवार ने परियोजना को बीकानेर जिले के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि आगामी जुलाई एवं अगस्त माह में सहजन आधारित कृषि प्रणाली पर पांच अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण से जुड़कर परियोजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।

परियोजना के मुख्य समन्वयक डॉ. बीरबल ने बताया कि प्रशिक्षण में बीकानेर जिले की विभिन्न तहसीलों से 50 किसान भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रत्येक किसान को प्रमाण-पत्र के साथ 1,000 मोरिंगा पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत अब तक जिले के 225 से अधिक किसानों को 2.25 लाख से अधिक पौधों का वितरण किया जा चुका है।डॉ. बीरबल ने बताया कि काजरी से पौधे प्राप्त करने वाले किसानों ने सहजन की खेती से लाभ अर्जित करना शुरू कर दिया है तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से मोरिंगा पाउडर का निर्माण एवं विपणन भी प्रारंभ कर दिया है।

कार्यक्रम में काजरी के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ. मनोज गोरा, डॉ. सीताराम जाट, उरमूल सीमांत समूह की सुश्री लक्ष्मी देवी तथा श्री ओम मेघवाल सहित अन्य अधिकारी एवं सहभागी किसान उपस्थित रहे। 

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