KBharat Times, जयपुर,
जयपुर, 11 जुलाई। राजस्थान सरकार ने पुलिस विभाग के आधिकारिक कामकाज में भाषा के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। नए आदेश के अनुसार अब पुलिस विभाग के किसी भी सरकारी दस्तावेज, एफआईआर, जांच रिपोर्ट, पत्राचार और दैनिक रिकॉर्ड में 'दलित' शब्द का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर केवल संवैधानिक शब्द 'अनुसूचित जाति' का ही उपयोग अनिवार्य होगा।
यह आदेश कार्यालय अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (विविध प्रकोष्ठ एवं एससी), राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी किया गया है। आदेश में गृह विभाग के उप शासन सचिव (पुलिस) तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पुलिस थानों, पुलिस अधीक्षकों के कार्यालयों तथा पुलिस आयुक्तालयों में अब सभी आधिकारिक दस्तावेजों और अभिलेखों में केवल 'अनुसूचित जाति' शब्द का ही प्रयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य संविधान में निर्धारित शब्दावली का पालन करना तथा प्रशासनिक अभिलेखों और सरकारी पत्राचार में एकरूपता बनाए रखना है।
इस आदेश के बाद राजस्थान पुलिस के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी रिकॉर्ड, रिपोर्ट, पत्राचार और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में नई व्यवस्था के अनुरूप शब्दावली का उपयोग करेंगे।

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