KBharat Times, बीकानेर
बीकानेर, 2 जुलाई। राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर। श्रीमद् भगवद गीता विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ है। विद्यार्थी जीवन में ही फिक्स डिपाजिट की तरह इस ग्रंथ का अध्ययन विद्यार्थी की बौद्धिक संपदा का अंग बन जाना चाहिए। यह विचार राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर प्राचार्य प्रोफेसर बबीता जैन ने सत्रारम्भ के अवसर पर नवागंतुक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रकट किये। उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की परंपराओं एवं विद्यार्थियों के दायित्वों से अवगत करवाया। इस अवसर पर नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए श्रीमद् भगवद् गीता की नियमित कक्षा भी प्रारंभ की गई।
महाविद्यालय में श्रीमद् भगवद् गीता की कक्षाओं का संचालन श्री मुरली मनोहर धोरा मंदिर ट्रस्ट के सौजन्य से करवाया जा रहा है। द्वितीय,चतुर्थ एवं छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए पिछले एक महीने से गीता अध्ययन करवाया जा रहा है जिसमें विद्यार्थियों ने अनेक आकर्षक पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं। सत्रारंभ के अवसर पर वरिष्ठ विद्यार्थियों के द्वारा नवागंतुक विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व मुंह मीठा कर स्वागत किया गया। नवागंतुक विद्यार्थियों को कौशल विकास का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से एसएनएस फाऊंडेशन गुड़गांव तथा महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में bike repairing, electrician, plumbing तथा tele calling के चार कोर्सेज में भी बच्चों को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि वे कौशल विकास कर रोजगार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर सके। श्री मोहित शर्मा के निर्देशन में समस्त कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आज राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर मे इस अवसर पर प्राचार्य डॉ बबीता जैन ने इस अवसर पर गत वर्षो की गतिविधियों एवं उपलब्धियां को दर्शाने वाला एक वीडियो क्लिप भी विद्यार्थियों को दिखाया गया। भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रश्न पत्र के अंतर्गत महाविद्यालय में श्रीमद् भागवत गीता की कक्षाओं का भी प्रारंभ किया गया है। इसकी कक्षा अध्यापिका श्रीमती माया जी सुथार के द्वारा भगवत गीता कक्षा का भी इस अवसर पर प्रारंभ किया गया।

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