आरक्षण में उप-वर्गीकरण कानून लागू करने की मांग तेज, जयपुर में समीक्षा बैठक आयोजित

कं भारत टाइम्स, बीकानेर



 

प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय, वंचित समाजों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष होगा तेज

जयपुर।आरक्षण में उप-वर्गीकरण कानून को राजस्थान में शीघ्र लागू कराने की मांग को लेकर रविवार को जयपुर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन आरक्षण उप-वर्गीकरण संघर्ष समिति राजस्थान, राजस्थान वाल्मीकि शिक्षक संघ तथा राजस्थान वाल्मीकि महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में संविधानिक अधिकार दिवस के अवसर पर किया गया। बैठक में प्रदेशभर से समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 अगस्त 2024 को दिए गए आरक्षण में उप-वर्गीकरण संबंधी ऐतिहासिक निर्णय के बाद राजस्थान में इसकी प्रभावी पालना सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक राज्य सरकार उप-वर्गीकरण कानून लागू नहीं करती, तब तक समाज के वंचित वर्गों को आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए अब प्रदेश स्तर पर जनजागरण अभियान चलाकर सरकार तक समाज की आवाज पहुंचाई जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता अतुल (वाल्मीकि आश्रम, भरतपुर) ने की, जबकि प्रमुख वक्ताओं में महामंडलेश्वर परसराम (वाल्मीकि आश्रम, भावगढ़), बालमुकुंद, गणपत सैनी, उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद मेहरा सहित कई सामाजिक प्रतिनिधि शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि समाज के सभी वंचित वर्गों और जातियों को न्याय दिलाने के लिए उप-वर्गीकरण कानून लागू होना अत्यंत आवश्यक है। इससे आरक्षण का लाभ उन वर्गों तक पहुंचेगा जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में जाकर समाज के लोगों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा तथा व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक समानता स्थापित करना है और इसके लिए उप-वर्गीकरण कानून का लागू होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे आरक्षण से वंचित परिवारों के युवाओं को भी समान अवसर प्राप्त होंगे और सामाजिक न्याय की अवधारणा मजबूत होगी।

बैठक के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को शीघ्र लागू कर अधिसूचना जारी की जाए। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में राजस्थान वाल्मीकि महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अमित बलवाण, समिति समन्वयक, विभिन्न जिलों के पदाधिकारी, सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उप-वर्गीकरण कानून लागू कराने के लिए संगठित होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

 

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