कं भारत टाइम्स, बीकानेर
खाजूवाला/बीकानेर, 17 जुलाई। भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे वन क्षेत्रों में वन विभाग ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए करीब 50 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। यह अभियान राज्य सरकार के निर्देशों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र चलाया गया।
वन विभाग के अनुसार खाजूवाला, पूगल और छत्तरगढ़ वन क्षेत्रों में लंबे समय से वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित किया गया था। पूर्व सूचना एवं नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विभागीय टीम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाकर सरकारी वन भूमि को अपने कब्जे में लिया।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। अभियान में संबंधित सभी रेंजों के क्षेत्रीय वन अधिकारियों ने भाग लिया तथा पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र होने के कारण इस इलाके का सामरिक महत्व अत्यधिक है। ऐसे में वन भूमि पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सरकारी भूमि की सुरक्षा के साथ-साथ सीमा क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना भी है।
डीएफओ ने दी सख्त चेतावनी
वन विभाग के डीएफओ ने स्पष्ट कहा कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का नया या पुराना अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति द्वारा दोबारा अतिक्रमण किया जाता है तो उसके विरुद्ध वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि भविष्य में भी नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। सीमा क्षेत्र सहित जिले के अन्य वन क्षेत्रों में भी लगातार निगरानी रखी जाएगी और जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सरकारी वन भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें तथा वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। विभाग ने स्पष्ट किया कि वन भूमि की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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