हणुत अमृत वाणी’ ग्रंथ के प्रकाशन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की मुलाकात

 कं भारत टाइम्स, बीकानेर



नोखा, 26 अगस्त। महर्षि नवल भगवान की परंपरा से जुड़े संत हणुताराम जी महाराज की वाणी एवं आध्यात्मिक विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रकाशित किए जा रहे ‘हणुत अमृत वाणी’ ग्रंथ के प्रकाशन को लेकर नवल आश्रम नोखा के प्रतिनिधियों ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरदारपुरा विधायक श्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान ग्रंथ के प्रकाशन के संबंध में चर्चा करते हुए उनसे ग्रंथ के लिए शुभ संदेश प्रदान करने का आग्रह किया गया।

नवल आश्रम नोखा की ओर से दिए गए पत्र के अनुसार, महर्षि नवल भगवान के 9 रत्नों में परम पूज्य संत नवलरत्न श्री श्री 1008 श्री हणुताराम जी महाराज (रोड़ा), नोखा भी शामिल रहे हैं। हणुताराम जी महाराज ने जीवनभर आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना का संदेश दिया और जीवित समाधि ली। उनके वंशज नवलरत्न श्री श्री 108 श्री रामचन्द्र जी महाराज पंडित द्वारा ‘हणुताराम जी महाराज की हणुत अमृत वाणी’ नामक ग्रंथ के प्रकाशन की इच्छा थी, लेकिन उनके देवलोकगमन के कारण यह कार्य उस समय पूरा नहीं हो सका।

अब नवल आश्रम नोखा की ओर से इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का प्रकाशन करवाया जा रहा है। ग्रंथ में संत हणुताराम जी महाराज की आध्यात्मिक वाणी, विचारों और संदेशों को संकलित कर श्रद्धालुओं एवं समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर आश्रम के अध्यक्ष आचार्य राजेन्द्र पंडित तथा उपाध्यक्ष महंत त्रिलोक चन्द पंडित की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से ग्रंथ के लिए शुभ संदेश प्रदान करने का आग्रह किया गया। आश्रम पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का शुभ संदेश ग्रंथ के प्रकाशन के अवसर को और महत्वपूर्ण बनाएगा तथा संत परंपरा से जुड़े इस आध्यात्मिक साहित्य को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में प्रेरणादायी भूमिका निभाएगा।

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