पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, आईजी बीएसएफ: उत्कृष्ट सेवा, जनकल्याण, खेल जगत में स्वर्णिम सफलता एवं ऐतिहासिक विरासत की प्रेरक गाथा

 क भारत टाइम्स, बीकानेर 



जोधपुर / जयपुर / बीकानेर, 26 जुलाई ।सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिरीक्षक (आईजी) श्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ भारतीय अर्धसैनिक बलों के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रशासनिक नेतृत्व, जनसेवा, खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर खेल जगत में भारत का गौरव बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास तक, उनका बहुआयामी योगदान उन्हें देश के सबसे सम्मानित अधिकारियों में स्थान दिलाता है।

वरिष्ठ वर्ग में भारत के शीर्ष गोल्फ़रों में शुमार श्री राठौड़ न केवल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं, बल्कि एक दूरदर्शी प्रशासक, संवेदनशील अधिकारी और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व भी हैं। उनके नेतृत्व में अनेक ऐसी योजनाएँ साकार हुईं, जिनका लाभ आज भी आमजन और सीमा क्षेत्र के लोग उठा रहे हैं।

बीकानेर में ऐतिहासिक विकास कार्य और जनसेवा

बीकानेर में डीआईजी के रूप में कार्यकाल के दौरान श्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में कई ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने सांचू बॉर्डर को विकसित कर उसे 'सीमा दर्शन' योजना से जोड़ा, जिससे सीमावर्ती पर्यटन को नई पहचान मिली और बड़ी संख्या में लोग सीमा क्षेत्र को नजदीक से देखने पहुँचने लगे।

इसी दौरान उन्होंने बीएसएफ का एक आधुनिक एवं विश्वस्तरीय गोल्फ़ कोर्स विकसित कराया, जो आज खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए उत्कृष्ट खेल सुविधा का केंद्र माना जाता है। वहीं खाजूवाला में एक विशाल एवं भव्य परेड ग्राउंड का निर्माण कराया गया, जहाँ भविष्य में वाघा बॉर्डर की तर्ज़ पर भव्य रिट्रीट परेड आयोजित किए जाने की योजना है।

कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी श्री राठौड़ ने मानवता का परिचय देते हुए स्थानीय नागरिकों, जरूरतमंद परिवारों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर राहत एवं सहायता कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस मानवीय दृष्टिकोण ने बीकानेर की जनता के बीच उन्हें विशेष सम्मान दिलाया।

बीएसएफ में अलंकृत एवं गौरवशाली सेवा

सीमा सुरक्षा बल में अपने लंबे और उत्कृष्ट सेवाकाल के दौरान श्री राठौड़ को अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) पदक भी प्राप्त हुआ।

कठिन सीमावर्ती क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें अनेक हार्ड ड्यूटी पदक प्रदान किए गए हैं। बीएसएफ में अनुकरणीय नेतृत्व और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए उन्हें 60 से अधिक महानिदेशक (DG) प्रशंसा डिस्क भी प्राप्त हो चुकी हैं, जो स्वयं में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान

प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के विकास में योगदान के लिए श्री राठौड़ को अनेक प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है। इनमें बीकानेर गौरव पुरस्कार, मारवाड़ रत्न पुरस्कार तथा महाराणा मेवाड़ पुरस्कार प्रमुख हैं। ये सम्मान उनके जनसेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान का प्रमाण हैं।

खेल जगत में स्वर्णिम उपलब्धियाँ

श्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ का नाम भारतीय खेल जगत में विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल एक उत्कृष्ट गोल्फ़र ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी और पेशेवर पतंगबाज़ भी रहे हैं।

वरिष्ठ वर्ग में उन्हें भारत के शीर्ष गोल्फ़रों में गिना जाता है। उन्होंने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स (WPFG) के सात संस्करणों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 17 पदक अपने नाम किए।

उनकी उपलब्धियों में वर्ष 2005 के क्यूबेक (कनाडा) में रजत पदक, 2009 के वैंकूवर (कनाडा) में दो रजत पदक, 2011 के न्यूयॉर्क (अमेरिका) में एक स्वर्ण और दो कांस्य, 2015 के फेयरफैक्स (अमेरिका) में एक स्वर्ण और दो कांस्य, 2017 के लॉस एंजेल्स (अमेरिका) में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य तथा 2022 के रॉटरडैम (नीदरलैंड्स) में एक स्वर्ण और तीन रजत पदक शामिल हैं।

ऑल इंडिया पुलिस गोल्फ़ प्रतियोगिताओं में उन्होंने बीएसएफ का प्रतिनिधित्व करते हुए अनेक टीम और व्यक्तिगत खिताब जीते तथा कई बार 'टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोल्फ़र' चुने गए। वे दस से अधिक बार 'BSF बेस्ट गोल्फ़र' का सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।

वर्ष 2019 में उन्होंने प्रतिष्ठित AVT चैंपियंस टूर पर 'बेस्ट सीनियर प्लेयर' का खिताब जीता, जबकि वर्ष 2025 में जयपुर के ऐतिहासिक रामबाग गोल्फ़ क्लब में आयोजित प्रतियोगिता में 'ओवरऑल बेस्ट गोल्फ़र' घोषित किए गए। इसके अलावा उन्होंने देशभर में आयोजित अनेक IGU तथा AVT चैंपियंस टूर प्रतियोगिताओं में भी विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

गोल्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक योगदान

श्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ का योगदान केवल खेल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने देशभर में बीएसएफ के छह गोल्फ़ कोर्स विकसित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे बल में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली।

वर्ष 2012 में जोधपुर में डीआईजी (ऑपरेशन) रहते हुए उन्होंने प्रसिद्ध कैमल गोल्फ़ कोर्स की परिकल्पना की और उसके निर्माण को साकार रूप दिया। आज यह गोल्फ़ कोर्स देश के प्रमुख सैन्य गोल्फ़ कोर्सों में गिना जाता है।

उनके इसी आजीवन योगदान, समर्पण और खेल के प्रति असाधारण सेवाओं के सम्मान में जोधपुर स्थित कैमल गोल्फ़ कोर्स परिसर में उनके सम्मान में लगभग 60 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रतिमा भारत में गोल्फ़ क्षेत्र की सबसे ऊँची प्रतिमाओं में से एक मानी जा रही है। प्रतिमा का अनावरण उनके बैचमेट एवं वर्तमान आईजी श्री एम.एल. गर्ग द्वारा निर्मित अत्याधुनिक क्लब हाउस के सामने किया गया, जो उनके कार्यों और उपलब्धियों का स्थायी स्मारक बन गया है।

प्रेरणा का स्रोत

महानिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ का व्यक्तित्व इस बात का प्रमाण है कि यदि सेवा, समर्पण, नेतृत्व और खेल भावना का समन्वय हो तो कोई भी अधिकारी केवल अपने विभाग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज, राष्ट्र और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाता है। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर खेलों में भारत का परचम लहराने और जनसेवा के माध्यम से लोगों के दिलों में स्थान बनाने तक उनकी उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण हैं।

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