BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 18 जून । प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, यह बात 11 वर्षीय आयुष गुप्ता ने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से साबित कर दिखाई है। भगवान श्री जगन्नाथ की पावन यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व आयुष ने अपने हाथों से भगवान श्री जगन्नाथ का सुंदर स्केच तैयार कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
आयुष का पूरा परिवार गायत्री मंदिर से जुड़ा हुआ है और धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाता है। आयुष बीकानेर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. गौरव गुप्ता के पुत्र हैं। छोटी उम्र में ही उन्होंने पेंसिल आर्ट में अपनी खास पहचान बना ली है।
आयुष विभिन्न प्रकार की पेंसिलों का उपयोग कर देवी-देवताओं के आकर्षक और जीवंत स्केच बनाते रहते हैं। उनकी कला में गहरी लगन, एकाग्रता और भक्ति का भाव साफ झलकता है। जगन्नाथ यात्रा के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ का स्केच बनाकर उन्होंने अपनी श्रद्धा और कला का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
आयुष के दादा भारत भूषण गुप्ता बताते हैं कि यह बालक बिना किसी विशेष प्रशिक्षण के अपनी कल्पना और रुचि से चित्रकारी करता है। पढ़ाई-लिखाई में भी आयुष काफी मेधावी हैं और अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तरह मोबाइल में समय व्यर्थ नहीं गंवाते, बल्कि अपनी रचनात्मकता को निखारने में लगे रहते हैं।
परिवार का कहना है कि आयुष की यह कला न केवल उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि समाज के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा है कि वे तकनीक के दुरुपयोग से दूर रहकर अपनी प्रतिभा को पहचानें और उसे आगे बढ़ाएं।


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